April 13, 2021

TheLucknowExpress

बात सिर्फ़ लखनऊ की …..

क्या कोरोना के दौरान निकाले जा रहे थे मानव अंग ? CM Yogi ने इन अस्पतलो पर दिए जाँच के आदेश

शायद ये पहली बार होगा जब राजधानी लखनऊ के 2 बड़े Private Medical College पर कोरोना के दौरान कोरोना मरीजों के अंग निकालकर तस्करी करने के इतने गंभीर आरोप लगे हैं की ख़ुद प्रदेश के मुख्यमंत्री को जाँच के आदेश देने पढ़ रहे है।

क्या है पूरा मामला?

  • मामले की शुरुआत 11 सितंबर को हुई जब चिनहट स्थित पक्का तालाब निवासी आदर्श कमल पांडेय (27) को बुखार आया था,
  • डॉक्टर की सलाह पर परिवार ने बेटे की कोरोना जाँच करवाई तो पता चला बेटा कोरोना पॉज़िटिव है।
  • 15 सितंबर को आदर्श को Integral Medical College में भर्ती किया गया था ,
  • Integral पहुँच कर आदर्श ने अपनी बहन को Whatsapp के ज़रिए बताया की इस अस्पताल में लोगों के शरीर के अंग निकाला जा रहा है,
  • आदर्श ने बताया की व इस बात का गवाह भी बनना चाहता है,
  • परंतु रातों रात आरोप है की आदर्श को ICU में शिफ़्ट कर उसको डराने की प्रयास शुरू कर दिया गया।
  • डरा सहमें आदर्श ने 22 सितंबर को किसी तरह परिवार वालों से सम्पर्क कर तत्काल अस्पताल से निकालने को कहाँ
  • परिवार वालों ने तत्काल अफसरो से बात कर आदर्श को Era Medical College में शिफ़्ट कराया।

क्या हुआ Era Medical College में?

  • आरोप है की Era Hospital पहुँच कर भी आदर्श को डराया जा रहा था,
  • एरा का भी माहोल ठीक नहीं था,
  • आरोप है की कुछ देर बाद ही आदर्श का Phone ले कर switch off कर दिया गया था।
  • कई दिनो तक आदर्श और परिवार के बीच सम्पर्क नहीं हो पा रहा था,
  • परिवार द्वारा पूछने पर अस्पताल स्टाफ़ तबियत में सुधार की बात कह रहे थे,
  • 26 सितंबर को परिवारीजनों ने बेटी की तबीयत का हाल लिया तो पहले सब ठीक होने की जानकारी दी गई
  • 15 मिनट बाद दोबारा फोन कर आदर्श की मौत की सूचना दी गई।

सांसद भी लिख चुके हैं पत्र

मोहन लालगंज सांसद कौशल किशोर से परिवारजन ने शिकायत पर मानव अंग तस्करी की आशंका का जाहिर करते हुए एरा व इंटीग्रल मेडिकल कॉलेजों की जांच के लिए पत्र लिख चुके है।

CM योगी तक पहुँची शिकायत –

आदर्श के पिता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जब पूरे मामले की सिकायत की तो CM ने मामले का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं साथ ही जल्द से जल्द जांच कर रिपोर्ट हाज़िर करने को कहा है।

अस्पताल का क्या है कहना?

एरा मेडिकल कॉलेज के डॉ. एमएन सिद्दीकी ने आरोपो का खंडन करते हुए कहा की “मरीज की मृत्यु का अफसोस है। पर, परिवारीजन बेटे की मौत पर राजनीति कर रहे हैं। अस्पतालों पर गलत इल्जाम लगा रहे हैं। जब कोरोना संक्रमित की मौत के बाद परिवारीजन शव लेने तक में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे में अंग तस्कीरी के आरोप बेबुनियाद है।”