May 25, 2022

TheLucknowExpress

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मोदी सरकार की Next Gen योजना : Accident होने पर Helicopter से तुरंत पहुँच जाएगी मदद

नई दिल्ली, प्रेट्र। देश के प्रमुख राजमार्गो के किनारे सरकार हेलीपैड बनाने पर विचार कर रही है ताकि दुर्घटना के शिकार लोगों को हेलीकाप्टरों के जरिये दुर्घटनास्थल से निकाला जा सके। उद्योग संगठन सीआइआइ द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कहा कि देश के हेलीकाप्टर क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत हेलीकाप्टर आपात चिकित्सा सेवाएं (एचईएमएस) शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं सड़क परिवहन मंत्रालय के साथ यह कोशिश करने और देखने के लिए काम कर रहा हूं कि क्या प्रमुख राजमार्गो के किनारे हेलीपैड विकसित किए जा सकते हैं, खासकर मुंबई, दिल्ली और अन्य शहरों में। ताकि कोई दुर्घटना होने पर हम लोगों को हेलीकाप्टरों के जरिये निकाल सकें।’ सिंधिया ने कहा कि भारत में करीब 250 हेलीकाप्टर हैं और उनमें से 181 का संचालन गैर-अधिसूचित आपरेटरों द्वारा किया जा रहा है। जबकि प्रति जिला एक से भी कम हेलीपैड है।

मालूम हो कि मंत्रालय ने हाल ही में नई हेलीकाप्टर नीति जारी की है जिसमें प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। इसके अलावा हेलीकाप्टर कारीडोर भी विकसित किए जा रहे हैं जिनमें तीन कारीडोर मुंबई से पुणे, बेगमपेट से शमसाबाद और अहमदाबाद से गांधीनगर शुरू हो चुके हैं। रीजनल एयर कनेक्टिविटी स्कीम के तहत 36 हेलीपो‌र्ट्स विकसित करने की योजना है और इनमें से छह शुरू हो चुके हैं।

सिंधिया ने जोर देकर कहा कि देश में हेलीकाप्टर उद्योग को शुरू करने का आधार बन गया है और हेलीकाप्टरों के आयात व सीमा शुल्क के मुद्दे पर वह वित्त मंत्री के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आठ राज्य और केंद्र शासित प्रदेश एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) पर मूल्य वर्धित कर (वैट) 28-30 प्रतिशत से घटाकर एक-दो प्रतिशत कर रहे हैं और यह विमानन क्षेत्र के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है।