May 25, 2022

TheLucknowExpress

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Account ख़ाली हो सकता है कभी भी , आज ही करे ये काम

कोरोना महामारी के बाद डिजिटल बैंकिंग (Digital Banking) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। ज्यादातर काम ऑनलाइन होने लगे हैं। ऐसे में साइबर अपराधी (cyber crime) भी इसका फायदा उठा रहे हैं। पिछले कुछ समय में साइबर अपराध के मामले तेजी के साथ बढ़े हैं। सबसे ज्यादा बैंकिंग ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। अपराधी बैंक फ्रॉड (Bank fraud) करने के लिए तरह-तरह के तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब एक और हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में बैंकिंग फ्रॉड के मामले (Banking fraud cases) बढ़ सकते हैं।

जानिए क्या है रिपोर्ट?

डेलॉयट इंडिया के सर्वेक्षण के मुताबिक, अगले दो सालों दो सालों में बैंकिंग धोखाधड़ी में वृद्धि हो सकती है। सर्वे में 78 प्रतिशत लोगों ने आशंका जताई कि आने वाले समय में धोखाधड़ी के मामले बढ़ सकते हैं। डेलॉयट टच तोहमात्सु इंडिया एलएलपी ने एक बयान में कहा कि अगले दो वर्षों में धोखाधड़ी की घटनाओं में बढ़ोतरी के लिए जिन प्रमुख कारणों की पहचान की गई है, उनमें बड़े पैमाने पर कार्य स्थल ने अलग बैठकर काम करना, ग्राहकों द्वारा शाखा से इतर बैंकिंग माध्यमों का बढ़ता उपयोग, और फॉरेंसिक विश्लेषण साधनों की सीमित उपलब्धता शामिल है।

डेलॉयट ने कहा कि सर्वेक्षण में उसने भारत में स्थित विभिन्न वित्तीय संस्थानों के 70 वरिष्ठ अधिकारियों की राय ली, जो जोखिम प्रबंधन, लेखा परीक्षण, संपत्ति की वसूली जैसे कार्यों के लिए जिम्मेदार हैं। सर्वेक्षण में भाग लेने वाले बैंकों और वित्तीय संस्थानों में निजी, सार्वजनिक, विदेशी, सहकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शामिल थे। डेलॉयट इंडिया बैंकिंग धोखाधड़ी सर्वेक्षण में कहा गया, ‘‘कोविड-19 महामारी और नए डिजिटल परिचालन के मद्देनजर बैंक और वित्तीय संस्था न धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं से निपटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।’’ सर्वेक्षण में 78 प्रतिशत लोगों ने आशंका जताई कि अगले दो वर्षों में धोखाधड़ी के मामले बढ़ सकते हैं।

यहां करें फ्रॉड की शिकायत

आपको बता दें कि भारत सरकार ने इंटरनेट बैंकिंग (Internet Banking) समेत ऑनलाइन फाइनेंस से संबंधित धोखाधड़ी की शिकायत करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 155260 जारी किया है। यदि आप हेल्पलाइन नंबर 155260 पर कॉल करते हैं तो आपसे नाम, नंबर, और घटना की टाइमिंग पूछी जाएगी। बेसिक डिटेल्स लेकर इसे आगे संबंधित पोर्टल और उस बैंक, ई कॉमर्स के डैश बोर्ड पर भेज दिया जाएगा। साथ ही पीड़ित का जो बैंक है, उसको जानकारी शेयर की जाएगी। फ्रॉड होने के जितना जल्दी हो सके शिकायत करें।